हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागवानी उत्पाद विपणन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2055 की धारा – 11 में बोर्ड की महत्वपूर्ण शक्तियों और कार्यों का उल्लेख किया गया है। ये इस प्रकार हैं:
(1) इस अधिनियम की विषयवस्तु यह बोर्ड निम्नलिखित कार्यों को अंजाम देता है और इसके पास ऐसी चीजें करने की शक्तियां हैं, जो कि इन कार्यों को अंजाम देने के लिए आवश्यक या वांछनीय हैं:
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इस अधिनियम के तहत स्थापित और गठित सभी समितयों के ऊपर अधीक्षण और नियंत्रण करना;
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समितियों की कार्यप्रणाली और अन्य कार्यों का समन्वय, जिसमें मंडियों और मंडी क्षेत्र के विकास के लिए ऐसी समितियों द्वारा किए जाने वाले कार्य भी शामिल हैं;
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कृषि उत्पाद मंडियों के विकास के लिए राज्य स्तरीय योजना का दायित्व संभालना
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विपणन विकास फंड का प्रबंधन करना
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सुधार के मद्देनजर समितियों को सामान्य तौर पर या किसी समिति विशेष को निर्देश देना
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इस अधिनियम द्वारा विशिष्ट रूप से इसे सौंपा गया कोई और कार्य; और
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ऐसी ही प्रकृति के अन्य कार्य जो कि राज्य सरकार द्वारा बोर्ड को सौंपे जा सकते हैं।
(2) पूर्वगामी उपबंधों की व्यापकता के प्रति बिना किसी पूर्वाग्रह के, बोर्ड के ऐसे कार्यों में शामिल हैं-
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प्रमुख अथवा उप-मंडी स्थल की स्थापना के लिए समितियों द्वारा नए स्थानों के चयन के लिए प्रस्तावों को मंजूर करना;
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मंडी क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाओं जैसे कि ग्रेडिंग, पैक हाऊसेज, भंडारण, प्रसंस्करण, कटाई के बाद की अन्य प्रबंधन सुविधाएं इत्यादि के निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी देना
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समितियों द्वारा हाथ में लिए जाने वाले निर्माण कार्यक्रमों की योजना और लागत अनुमान तैयार करने में समितियों का पर्यवेक्षण और मार्गदर्शन करना
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बोर्ड के फंड से प्रभार्य सभी कार्यों को अंजाम देना
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खाते बनाए रखना और वर्णित प्रारूप और तरीके से इनका ऑडिट करवाना
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वर्ष के अंत में वार्षिक प्रगति रिपोर्ट, बैलेंस शीट और संपत्तियों एवं देनदारियों का लेखा जोखा प्रकाशित करना और बोर्ड के प्रत्येक सदस्य एवं राज्य सरकार को इसकी प्रतियां भेजना
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विपणन तकनीक और विस्तारण सेवाओं के हस्तांतरण के लिए बोर्ड में विपणन विस्तारण सेवाओं का दायित्व संभालना। एक कृषि उत्पाद के विपणन के नियमन और विपणन के विकास संबंधी मसलों पर प्रचार और प्रोपगैंडा के लिए भी यह आवश्यक प्रबंध कर सकता है
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कृषि विपणन में सभी स्तरों पर प्रशिक्षित कार्मिकों की मांग का आकलन करने के बाद समितियों और बोर्ड कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाना
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आगामी वर्ष के लिए बजट तैयार और स्वीकार करना
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कृषि विपणन से जुड़े विषयों पर संगोष्ठी/कार्यशाला/प्रदर्शनी इत्यादि का प्रबंधन अथवा आयोजन करना
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ऐसे अन्य काम करना जो कि समितियों के सामान्य हित के हों अथवा बोर्ड की कार्यप्रणाली को कुशल बनाने के लिए जरूरी समझे जाते हों
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अधिसूचित कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग और मानकीकरण एवं ई-ट्रेडिंग का आयोजन करना और इसे प्रोत्साहन देना; और
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राज्य में कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग, मानकीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन को प्रोत्साहन देने के उ्देश्य के लिए वर्णित कार्यों और कर्तव्यों की पूर्ति के लिए कृषि उत्पाद विपणन मानक ब्यूरो की स्थापना करना ।
